आपका पता दिनांक: प्रिय राजू हम सब यहाँ कुशल हैं और आशा करता / करती हूँ कि तुम भी वहाँ कुशल हो। अगले हफ्ते ही परीक्षा शुरू हो रहा है इसलिए अब पढाई में ज़्यादा ध्यान देना। तुमने पिछले चिट्ठी में मुझसे संयुक्त परिवार की महत्ता के बारे में पूछा। मैं इसके बारे में लिखता / लिखती हूँ ताकि तुम आनेवाली परीक्षा के लिए सही तरीके से पढ़ सको। संयुक्त परिवार में परिवार के सभी सदस्य यानी दादा - दादी, ताऊ - ताई, माता - पिता, चाचा - चाची और उनके बच्चे सब मिल - जुल कर रहते हैं। आजकल इस आधुनिक काल में संयुक्त परिवार घटती जा रही है और एकाल परिवार बढ़ती जा रही है। संयुक्त परिवार में ये अच्छाई है कि परिवार के सभी सदस्य हर काम मिलजुल कर करते हैं और किसी भी काम का पूरा बोझ किसी एक व्यक्ति पर नहीं पड़ता। संयुक्त परिवार में ये सुंदरता है कि घर के बच्चे बड़ों का आदर करते हैं, उनकी कहा मानते हैंऔर घर के कामों में बड़ों की सहायता भी करते हैं। और ऐसे परिवारों में सबसे अच्छी बात ये है कि दादा - दादी बच्चों को अचछे आदत सिखाते और अच्छे नियमों कि जानकारी भी देते हैं। वे उन्हें पौराणिक और नैतिक कहानियाँ भी सुनाते है...
Exploring timeless wisdom and temple heritage, preserving Sanatana Dharma for modern life.